Lullaquill appLullaquill

गोल्डीलॉक्स और तीन भालू

5 मिनटउम्र 2–7 साल
गोल्डीलॉक्स और तीन भालू

इस भाषा में कहानी सुनने की सुविधा ऐप में उपलब्ध है।

कहानी में क्या होता है

सुनहरे घुंघराले बालों वाली एक जिज्ञासु बच्ची जंगल में एक छोटा लकड़ी का घर देखती है, जहाँ कोई नहीं है। वह तीन भालुओं का दलिया, कुर्सियाँ और बिस्तर आज़माती है। भालू लौटते हैं तो वह सच्चे मन से माफ़ी माँगती है और सब ठीक हो जाता है।

एक बार की बात है, जंगल में एक छोटा-सा लकड़ी का घर था। उसमें तीन भालू रहते थे। एक था बड़ा-सा पापा भालू, एक थी मझली-सी मम्मी भालू, और एक था नन्हा-सा बेबी भालू। एक सुबह मम्मी भालू ने नाश्ते में दलिया बनाया। लेकिन वह इतना गरम था कि खाया ही नहीं जा रहा था। पापा भालू बोले, "चलो, जंगल में थोड़ा घूम आएँ, तब तक हमारा दलिया ठंडा हो जाएगा।" तो तीनों भालू बाहर चले गए, और दरवाज़ा ज़रा-सा खुला छोड़ गए।

थोड़ी देर बाद, एक छोटी-सी लड़की जंगल में टहलती हुई आई। उसके बाल धूप की तरह सुनहरे और घुँघराले थे, इसीलिए सब उसे गोल्डीलॉक्स कहते थे। उसने छोटा-सा घर देखा, और देखा कि दरवाज़ा खुला है। "कोई है?" उसने आवाज़ लगाई। कोई नहीं बोला। वह बड़ी जिज्ञासु लड़की थी, और उसे भूख भी लगी थी, इसलिए वह दबे पाँव अंदर चली गई। और वहाँ मेज़ पर रखे थे दलिए के तीन कटोरे।

उसने बड़े-से कटोरे का दलिया चखा। "उफ़! यह दलिया तो बहुत गरम है!" फिर उसने मझले कटोरे का दलिया चखा। "ब्रर्र! यह दलिया तो बहुत ठंडा है!" फिर उसने नन्हे-से कटोरे का दलिया चखा। "म्म्म! यह दलिया एकदम सही है!" और उसने सारा दलिया खा लिया, एक-एक चम्मच तक।

फिर गोल्डीलॉक्स को तीन कुर्सियाँ दिखीं। वह बड़ी-सी कुर्सी पर बैठी। "यह कुर्सी तो बहुत सख़्त है!" वह मझली कुर्सी पर बैठी। "यह कुर्सी तो बहुत नरम है!" फिर वह नन्ही-सी कुर्सी पर बैठी। "यह कुर्सी एकदम सही है!" लेकिन वह हिली और डुली, और तभी चर्र! नन्ही कुर्सी टूटकर टुकड़े-टुकड़े हो गई, और गोल्डीलॉक्स धम्म से फ़र्श पर आ गिरी।

अब गोल्डीलॉक्स को बहुत नींद आ रही थी। वह ऊपर गई तो उसे तीन बिस्तर मिले। वह बड़े-से बिस्तर पर लेटी। "यह बिस्तर तो बहुत ऊँचा है!" वह मझले बिस्तर पर लेटी। "यह बिस्तर तो बहुत नीचा है!" फिर वह नन्हे-से बिस्तर पर लेटी। "यह बिस्तर एकदम सही है।" उसने रंग-बिरंगी लोई ओढ़ ली, और देखते ही देखते उसे गहरी नींद आ गई।

जल्दी ही तीनों भालू घर लौट आए। पापा भालू अपनी बड़ी-सी आवाज़ में बोले, "किसी ने मेरा दलिया खाया है।" मम्मी भालू अपनी मझली-सी आवाज़ में बोलीं, "किसी ने मेरा दलिया खाया है।" बेबी भालू अपनी नन्ही-सी आवाज़ में बोला, "किसी ने मेरा दलिया खाया है, और सारा खा भी लिया है!" फिर उन्होंने कुर्सियाँ देखीं। बेबी भालू चिल्लाया, "और किसी ने मेरी कुर्सी पर बैठकर उसे तोड़ भी दिया है!"

वे सब ऊपर गए। पापा भालू बोले, "कोई मेरे बिस्तर पर लेटा था।" मम्मी भालू बोलीं, "कोई मेरे बिस्तर पर लेटा था।" बेबी भालू चीं-चीं करके बोला, "कोई मेरे बिस्तर पर लेटा था, और वह अभी भी वहीं है!" गोल्डीलॉक्स ने आँखें खोलीं। उसने देखा कि तीन भालू उसे झुककर देख रहे हैं! वह झट से बिस्तर से कूद पड़ी। "ओह! मुझे माफ़ कर दीजिए!" वह बोली। "मैंने दलिया खा लिया, और कुर्सी भी तोड़ दी। मुझे बिना पूछे आपके घर में नहीं आना चाहिए था।"

भालुओं ने एक-दूसरे को देखा। मम्मी भालू प्यार से बोलीं, "बिना पूछे अंदर आना बहुत ग़लत था। लेकिन माफ़ी माँगने के लिए शुक्रिया।" गोल्डीलॉक्स ने पापा भालू के साथ मिलकर नन्ही कुर्सी ठीक की, और मम्मी भालू ने सबके लिए फिर से दलिया बनाया, एकदम सही। फिर गोल्डीलॉक्स दौड़कर अपनी माँ के पास गई और उन्हें सब कुछ बता दिया। उसके बाद वह हमेशा दरवाज़ा खटखटाती, और हमेशा पहले पूछती। और कभी-कभी वह बेबी भालू से मिलने आती, और दोनों जंगल में साथ-साथ खेलते। शुभ रात्रि।

हम क्या सीख सकते हैं

किसी के घर में जाने से पहले हमेशा पूछो, और कुछ टूट जाए तो माफ़ी माँगो।

किनके लिए सबसे अच्छी: उम्र 2–7 साल

बड़ा, मझला और छोटा की दोहराती लय छोटे बच्चों को शांत करती है, और कोमल अंत सोने के समय के लिए ठीक है।

यह कहानी कहाँ से आई

The Story of the Three Bears — Robert Southey (from oral tradition); golden-haired girl version, Joseph Cundall, c. 1837. Lullaquill द्वारा सोने के समय के लिए दोबारा सुनाई गई। यह एक पुरानी, सार्वजनिक कहानी का हमारा अपना नया रूप है।

आज रात की कहानी का हीरो बनाइए अपने बच्चे को

Lullaquill ऐप में अपने बच्चे का नाम और कुछ पसंदीदा चीज़ें लिखिए। ऐप उसी को नायक बनाकर एक शांत, कोमल सोने की कहानी रचता है — तस्वीरों और मीठी आवाज़ के साथ।

लूना

रात की टोपी पहने छोटी खरगोश लूना हर रात तुम्हें कहानी सुनाती है।

सोने की और कहानियाँ

सभी कहानियाँ →