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जिंजरब्रेड मैन

6 मिनटउम्र 3–8 साल
जिंजरब्रेड मैन

इस भाषा में कहानी सुनने की सुविधा ऐप में उपलब्ध है।

कहानी में क्या होता है

एक छोटा जिंजरब्रेड मैन ओवन से कूदकर खेत-खलिहान से भाग निकलता है। वह गाय, घोड़े और किसानों के पास से दौड़ता हुआ गाता है कि उसे कोई नहीं पकड़ सकता। अंत में वह दौड़ते-दौड़ते थक जाता है, माफ़ी माँगता है और एक गर्म जगह पर आराम पाता है।

एक बार की बात है, एक छोटी-सी बुढ़िया और एक छोटा-सा बूढ़ा थे। वे एक खेत वाले घर में अकेले रहते थे। एक दिन बुढ़िया ने आटा बेला और उससे एक नन्हा आदमी काटकर बनाया। उसने उसकी आँखें किशमिश की बनाईं, तीन बटन भी किशमिश के लगाए, और मुँह पर मीठी-सी चौड़ी मुस्कान बना दी। फिर उसने उसे तंदूर में रख दिया। थोड़ी देर में आवाज़ आई, टक, टक, टक। बुढ़िया ने दरवाज़ा खोला, और फुदककर वह बाहर कूद आया! रसोई के फ़र्श पर वह भाग चला।

"रुको, रुको, नन्हे भैया!" बुढ़िया चिल्लाई। "रुको, रुको!" बूढ़ा भी चिल्लाया। वे जितना तेज़ दौड़ सकते थे, दौड़े। पर वह तो बस हँसता रहा और पीछे मुड़कर देखता रहा। "फुदक-फुदक, दौड़ो-दौड़ो, पकड़ सको तो पकड़ो! मुझे नहीं पकड़ पाओगे, मैं हूँ जिंजरब्रेड मैन!" वह दरवाज़े से बाहर निकला, फाटक के पार गया, और सड़क पर दूर भाग चला। उसके नन्हे-नन्हे पैर तेज़ चल रहे थे और उसके बटनों पर धूप चमक रही थी।

वह दौड़ते-दौड़ते एक गाय के पास से गुज़रा, जो तिपतिया घास के खेत में थी। "म्मा! रुको, नन्हे भैया!" गाय बोली। "तुम्हारी ख़ुशबू कितनी अच्छी है! रुको और हमसे नमस्ते करो।" पर जिंजरब्रेड मैन और तेज़ भागा, और गाता गया, "बुढ़िया से भागा, बूढ़े से भागा, तुमसे भी भाग जाऊँगा, हाँ, भाग जाऊँगा! फुदक-फुदक, दौड़ो-दौड़ो, पकड़ सको तो पकड़ो! मुझे नहीं पकड़ पाओगे, मैं हूँ जिंजरब्रेड मैन!" गाय ने अपनी पूँछ हिलाई और उसके पीछे दुलकी चाल से चल पड़ी।

वह दौड़ते-दौड़ते सड़क पर एक घोड़े के पास से गुज़रा। "हिन-हिन! रुको, नन्हे भैया!" घोड़ा बोला। "ऊपर आ जाओ, ज़रा तुम्हें सूँघ लेने दो!" पर जिंजरब्रेड मैन और तेज़ भागा, और गाता गया, "बुढ़िया, बूढ़े और गाय से भागा, तुमसे भी भागूँगा, देखो तो ज़रा! फुदक-फुदक, दौड़ो-दौड़ो, पकड़ सको तो पकड़ो! मुझे नहीं पकड़ पाओगे, मैं हूँ जिंजरब्रेड मैन!" घोड़े ने अपनी अयाल हिलाई और सरपट दौड़ता हुआ उसके पीछे चल पड़ा।

वह खेत में घास काटने वालों के पास से गुज़रा। "रुको, नन्हे भैया! आओ, हमारे साथ खाना खाओ!" पर वह और भी तेज़ भागा। "बुढ़िया, बूढ़े, गाय और घोड़े से भागा, तुमसे भी भागूँगा, यह तो पक्का है!" अब तो उसके पीछे भीड़ लग गई! नन्ही बुढ़िया, नन्हा बूढ़ा, गाय, घोड़ा और घास काटने वाले सब हाँफते-हाँफते सड़क पर दौड़े आ रहे थे। और वह अब भी हँसता रहा, और अब भी भागता रहा, भागते-भागते वह एक नदी के किनारे पहुँच गया।

नदी चौड़ी थी, और जिंजरब्रेड मैन झट से रुक गया। "मुझे तैरना नहीं आता," वह बोला। "मैं तो भीगकर गल जाऊँगा!" तभी नरकटों में से एक दुबली-पतली लाल लोमड़ी निकली। "नमस्ते जी," लोमड़ी बोली। "मैं तुम्हें पकड़ना नहीं चाहती। मैं तो बस घूमने निकली हूँ। मेरी पूँछ पर बैठ जाओ, मैं तुम्हें पार करा दूँगी।" तो वह उछलकर बैठ गया। "पानी गहरा है," लोमड़ी बोली। "मेरी पीठ पर आ जाओ।" तो वह पीठ पर चढ़ गया। "और भी गहरा है। मेरी नाक पर आ जाओ।"

नदी के उस पार पहुँचकर लोमड़ी रुक गई। "तुमने कहा था कि तुम्हें कोई नहीं पकड़ सकता," वह मुस्कुराकर बोली। "और अब तुम मेरी नाक पर बैठे हो।" लोमड़ी ने सूँ-सूँ किया। "अरे वाह, तुम्हारी ख़ुशबू कितनी अच्छी है।" यह तो चालाकी थी! पर ठीक ऊपर एक खुली खिड़की थी, जिसके अंदर गरम-गरम रोशनी थी। फुदक! जिंजरब्रेड मैन उछलकर एक छोटी-सी बेकरी की खिड़की की चौखट पर जा पहुँचा। लोमड़ी ने ऊपर देखा, अदरक की महक से उसे छींक आ गई, वह हँसी, और धीरे-धीरे चली गई।

"अरे वाह," बेकरी वाली दीदी ने हाथ झाड़ते हुए कहा। "तुम कौन हो?" "मैं भागते-भागते थक गया हूँ," जिंजरब्रेड मैन बोला। तो उन्होंने उसे तंदूर के पास एक गरम तख़्ते पर बिठा दिया। जब बुढ़िया और बूढ़ा नाव-घाट से हाँफते-हाँफते आए, तो वह बोला, "माफ़ करना, मैं भाग गया था।" उन्होंने उसे गले लगा लिया, और सबने मिलकर ताज़ी रोटी खाई। अब वह वहीं रहता है, और बच्चों को हाथ हिलाकर नमस्ते करता है। तंदूर में हल्की-हल्की आँच है। गली में सन्नाटा है। "अब भागने की ज़रूरत नहीं," वह धीरे से कहता है। शुभ रात्रि।

हम क्या सीख सकते हैं

रुककर माफ़ी माँगना और सबके साथ बाँटना अच्छी बात है।

किनके लिए सबसे अच्छी: उम्र 3–8 साल

दोहराया जाने वाला मज़ेदार गीत और शांत अंत इसे 3 से 8 साल के बच्चों के सोने से पहले के लिए सही बनाते हैं।

यह कहानी कहाँ से आई

The Gingerbread Boy (St. Nicholas Magazine, 1875); Johnny-Cake (English variant) — Anonymous American folk tale, printed in St. Nicholas Magazine, c. 1875. Lullaquill द्वारा सोने के समय के लिए दोबारा सुनाई गई। यह एक पुरानी, सार्वजनिक कहानी का हमारा अपना नया रूप है।

आज रात की कहानी का हीरो बनाइए अपने बच्चे को

Lullaquill ऐप में अपने बच्चे का नाम और कुछ पसंदीदा चीज़ें लिखिए। ऐप उसी को नायक बनाकर एक शांत, कोमल सोने की कहानी रचता है — तस्वीरों और मीठी आवाज़ के साथ।

लूना

रात की टोपी पहने छोटी खरगोश लूना हर रात तुम्हें कहानी सुनाती है।

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